Top 50 Golden Thoughts Of Life In Hindi

Golden Thoughts Of Life In Hindi जो हमारे भीतर Positive Energy Create करे और हमे Motivate करते रहे जो हम कर रहे है उसके लिये और जो हम करना चाहते है उसके लिए. इस दुनिआ में ऐसा कोई भी काम नहीं है जिसे हम कर नहीं सकते, हम सबके अंदर एक करैक्टर छुपा होता जो अदृश्य होता है, जरुरत होती है उस अदृश्य ताकत को बाहर लाने की और उठ कर कुछ करने की जिसे पूरी दुनिआ याद रखे.

Top 50 Golden Thoughts Of Life In Hindi

Contents show

 

“Bahot se aaye the hume geerane, kuch naa kar paye beet gaye jamane.”

“बहोत से आये थे हमे गिराने, कुछ ना कर पाए बित गए ज़माने.”

“Kabil log naa to kisiko dabate hai, aur naa hi kisise dabte hai.”

“काबील लोग ना तो किसीको दबाते है, और ना ही किसीसे दबते है.”

“Chamak sabko nazar aati hai, lekin andhera kisiko nazar nahi aata.”

“चमक सबको नज़र आती है,  लेकिन अँधेरा किसीको नज़र नहीं आता.”

“Jaha swarth samapt hota hai, insaaniyat wahi se shuru hoti hai.”

“जहा स्वार्थ समाप्त होता है, इंसानियत वही से शुरु होती है.”

“Gulami ek aisa hatiyar hai jise iski aadat pad jati hai wah apni taqat hi bhul jata hai.”

“गुलामी एक ऐसा हतियार है जिसे इसकी आदत पड़ जाती है वह अपनी ताक़त ही भूल जाता है.”

“Bade  bechain rehte hai wo log, jinhe har baat yad rehti hai.”

“बड़े बेचैन रहते है वो लोग, जिन्हे हर बात याद रहती है.”

“Jaha bhi raho logo ki jarurat bankar raho bhojh bankar nahi.”

“जहा भी रहो लोगो की जरुरत बनकर रहो, बोझ बनकर नहीं.”

“Kaun sikhta hai baaton se, sabke liye ek haadsa zaroori hai.”

“कौन सीखता है बातों से, सबके लिए एक हादसा ज़रूरी  है.”

“Sabkuch mila hai humko fir bhi sabr nahi hai, barso ki sochte hai par palbhar ki khabar nahi hai.”

“सबकुछ मिला है हमको फिर भी सब्र नहीं है, बरसो की सोचते है पर पलभर की खबर नहीं है.”

“Naam hua to sabhi ne dekha, par mera sulagna kisi ne nahi dekha.”

“नाम हुआ तो सभी ने देखा, पर मेरा सुलगना किसी ने नहीं देखा”

“Apni mehnat par yakin kijiye, aap sab kuch kar sakte hai.”

“अपनी मेहनत पर यकीन कीजिये, आप सबकुछ कर सकते है.”

“Agar bannna hi hai to kisi ke dard ki dawa bano, jakhm to har koi deta hai.”

“अगर बनना ही है तो किसी के दर्द की दवा बनो, जख्म तो हर कोई देता है.”

“Bahar se zarur shant dikhte hai, lekin andar ke toofan se tum abhi wakif nahi ho.”

“बहार से ज़रूर शांत दीखते है, पर अंदर के तूफ़ान से तुम अभी वाकिफ नहीं हो.”

“Murkho se taarif sunne se achha hai, buddhiman se daant sunna.”

“मूर्खो से तारीफ़ सुनने से अच्छा है, बुद्धिमान से डाट सुन्ना.”

“Kamyab hone ke liye, rook sakta hu magar jhukh nahi sakta.”

“कामयाब होने के लिए, रूक सकता हु मगर झुक नहीं सकता.”

“Jhuko utana hi ki log gira hua na samjhe.”

“झुको उतना ही की लोग गिरा हुआ ना समझे.”

“Kya zaroori hai ki vh mujhreem hi ho, jinke haq me faisle nahi hote!”

“क्या ज़रूरी है की वह मुझरिम ही हो, जिनके हक़ में फैसले नहीं होते!” 

“Tum par gujhri to Ahh, Hum par gujhri to Wahh.”

“तुम पर गुझरी तो आह, हम पर गुझरी तो वाह.”

“Mashwara mat do, Mera waqt kharab hai deemag nahi.”

“मशवरा मत दो, मेरा वक़्त ख़राब है दिमाग नहीं.”

“Main to kab ka aage badh chuka hu, ab waqt ko kaho ki mere sath chale.”

“मैं तो कब का आगे बढ़ चूका हु,  अब वक़्त को कहो की मेरे साथ चले.”

“Jab khone ke liye kuch bhi na ho, tab paane ke liye bahot kuch hota hai.”

“जब खोने के लिए कुछ भी ना हो, तब पाने के लिए बहोत कुछ होता है.”

“Laut kar aaya to hisaab karke jaunga, har ek ko uski aukaat dikha kar jaunga.”

“लौट कर आय तो हिसाब करके जाऊंगा,  हर एक को उसकी औकात दिखा कर जाऊंगा”

“Dil to sabhi ke paas hota hai janab par sab dilwale nahi hote.”

“दिल तो सभी के पास होता है जनाब, पर सब दिलवाले नहीं होते.”

“Har safar ki manzil ho ye zaroori to nahi, kuch raste ek mod par khatam hote dekhe hai maine.”

“हर सफर की मंज़िल हो ये  ज़रूरी तो नहीं, कुछ रास्ते एक मोड़ पर ख़तम होते देखे है मैंने।”

“kismat sirf mehnat se badalti hai, baithkar sochte rehne se nahi.”

“किस्मत सिर्फ मेहनत से बदलती है, बैठकर सोचते रहने से नहीं.”

“Girna janta hu, magar harna nahi.”

“गिरना जानता हु, मगर हारना नहीं.”

“sawal uth rahe hai ki hum khamosh kyu hai?, sabr rakho uska bhi jawab denge.”

“सवाल उठ रहे है की हम खामोश क्यों है?, सब्र रखो उसका भी जवाब देंगे.”

“Insaan to ghar ghar me paida hota hai, bas insaaniyat hi kahi kahi janm leti hai.”

“इंसान तो घर घर में पैदा होता है, बस इंसानियत ही कही कही जन्म लेती है.”

“Insaan wo nahi jo chehre se dikhta hai, insaan to wo hai jo soch se dikhta hai.”

“इंसान वो नहीं जो चेहरे से दिखता है, इंसान वो है जो सोच से दिखता है.”

“Zindagi me itna kaabil ban jao, ki jaha chaho waha rishta ho jaye.”

“ज़िन्दगी में इतना काबिल बन जाओ, की जहा चाहो वहा रिश्ता हो जाये.”

golden thoughts of life in hindi

“Gulami Ki Itni Bhi Adat Mat Palo Ki Aap Apni Taqat Hi Bhul Jao.”

“गुलामी की इतनी भी आदत मत पालो, कि आप अपनी ताक़त ही भूल जाओ।”

golden thoughts of life in hindi

“Baat Saskar Or Aadar Ki Hoti Hai, Warna Jo Sun Sakta Hai Wo Suna  Bhi Sakta Hai.”

“बात संस्कार और आदर की होती है, वर्ना जो सुन सकता है वो सुना भी सकता है।”

golden thoughts of life in hindi

“Jinhe Shok Tha Akhbaro Ke Pano Per Rehne Ka, Waqt Gujra Toh Raddi Ke Bhav Bik Gaye.”

“जिन्हे शौक था अखबारों के पन्नो पर रहने का, वक़्त गुझरा तो रद्दी के भाव बिक गए।”

golden thoughts of life in hindi

“Jo Log Undar Se Maar Jate Hai, Aksar Vahi Log Dusro Ko Jeena Sikhate Hai.”

“जो लोग अंदर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दुसरो को जीना सिखाते है।”

golden thoughts of life in hindi

“Dekha Hua Sapna Sapna Reh jayega, Agar Usse Pura Karne Ki Koshis Nahi Karonge.”

“देखा हुआ सपना, सपना ही रेह जायेगा, अगर उसे पूरा करने की कोशिश नहीं करोगे।”

golden thoughts of life in hindi

“Kai Bar Man Karta Hai Har Man Lu, Fir Yaad Aata Hai Aabhi Toh Mujhe Bahot Se Logo Ko Galat Sabit Karna Hai.”

“कई बार मन करता है हार मान लू , फिर याद आता है अभी तो मुझे बहोत से लोगो को गलत साबित करना है.”

golden thoughts of life in hindi

“Har Bat Dil Per Lagaonge Toh Rote Reh Jaonge,Jo Jesa Hai Uske Saath Vesa Banana Sikho.”

“हर बात दिल पर लगाओगे तो रोते रेह जाओगे, जो जैसा है उसके साथ वैसे बनना सीखो।”

golden thoughts of life in hindi

“Her Ek Kam Asan Hota Hai, Keval Aapke Undar Uske Karne Ka Junun Hona Chahiye.”

“हर एक काम आसान होता है, केवल आपके अंदर उसे करने का जूनून होना चाहिये।”

golden thoughts of life in hindi

“Jo Apne Liye Niyam Nahi Banate, Unhe Dusro Ke Niyamo Per Chalna Padhta Hai.”

“जो अपने लिए नियम नहीं बनाते, उन्हें दुसरो के  नियमो पर चलना पड़ता है।”

golden thoughts of life in hindi

“Aaap Jitna Kam Bolonge, Log Utna Hi Aapko Sunana Chahege.”

“आप जीतना कम बोलोगे, लोग आपको उतना ही सुनना चाहेँगे।”

golden thoughts of life in hindi

“Jise Ek Rupees Ki Bhi Kimat Pata Hoti Hai, Wo Croro Milne Per Bhi Gamand Nahi Karta.”

“जिसे एक रूपए की भी किमत पता होती है, वो करोडो मिलने पर भी घमंड नहीं करता।”

golden thoughts of life in hindi

“Dolat Toh Virasat Me Milni Hai, Pehchan Apne Dum Per Banani Padhati Hai.”

“दौलत तो विरासत में मिलती है, पहचान अपने दम पर बनानी पड़ती है।”

golden thoughts of life in hindi

“Kisi Ne Salo Laga Diye Safalta Hasil Karne Me Or Logo Ko 2 Minute Lage Kahne Me Kismat Aachi Thi.”

“किसी ने सालो साल लगा दिए साफलता हासिल करने  में, और लोगो को २ मिनट लगे कहने में किस्मत अच्छी थी।”

golden thoughts of life in hindi

“Waqt Ne Thodasa Sath Kya Chodda, Logo Ne Kabiliyat Per Hi Shak Karna Shuru Kaar Diya.”

“वक़्त ने थोड़ा सा साथ क्या छोड़ा, लोगो ने तो काबिलियत पर ही शक करना शुरू कर दिया।”

golden thoughts of life in hindi

“Dunia Jiske Piche Dodati Hai, Hum Uske Aage Se Hokar Nikalte Hai.”

“दुनिया जिसके पीछे दौड़ती है, हम उसके आगे से होकर निकलते है।”

golden thoughts of life in hindi

“Sachha Hu, Isiliye Sab Kadva Samjhte Hai Mujhe.”

“सच्चा हु, इसीलिए सब कड़वा समझते है मुझे।”

golden thoughts of life in hindi

“Apne Laksh Ko Uchaa  Rakho Or Tabtak Mat Ruko Jabtak Aaap Ise Hasil Nahi Kar Lete Hai.”

“अपने लक्ष्य को ऊँचा रखो और तब तक मत रुको जब तक आप इसे हासिल नहीं कर लेते।”

golden thoughts of life in hindi

“Virasat Ke Dolatmand Kya Jane Mehnat Ka Nasha, Zindagi Toh Hai  Jo Khud Ke Dum Per Khadi Ki Jati Hai.”

“विरासत के दौलतमंद क्या जाने मेहनत का नशा, जिंदगी तो वह है जो खुद के दम पर खड़ी की जाती है.”

golden thoughts of life in hindi

“Dunia Nateejo Ko Insam Deti Hai Hai, Koshisho Ko Nahi.”

“दुनिया नतीजों को इनाम देती है, कोशिशों को नहीं।”

golden thoughts of life in hindi

“Koi Laksh Manushya Ke Sahas Se Bada Nahi, Hara Vahi jO Ladha Nahi.”

“कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं, हारा वही जो लड़ा नहीं.”


मित्रों सफलता के लिए प्रयास तो सभी करते हैं किंतु ऐसा क्यों होता है कि कुछ लोग सफल हो जाते हैं और कुछ लोग जीवन भर बस प्रयास करते रह जाते हैं किंतु सफल नहीं होते? या फिर हार मान कर घर बैठ जाते हैं। क्या सफल व्यक्ति और असफल व्यक्ति में कोई अंतर होता है? क्या उनके अंदर जन्मजात खूबी होती है कि वह सफल हो जाते हैं और बाकी असफल रहते हैं?

दुनिया में बहुत सारे सफल हुए रतन टाटा,  मुकेश अंबानी, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, बिल गेट, स्टीव जॉब्स, वारेन बफेट इत्यादि। क्या इनमें कुछ समानताएं हैं ? वह कौन से गुण है जो इन्हें बाकी दुनिया के लोगों से अलग बनाती है? वह कौन से गुण है जिनकी वजह से यह सफल हो जाते हैं और बाकी लोग सफल नहीं हो पाते? गौर से देखें तो पाते हैं कि सफल व्यक्तियों में बहुत सारे गुण या कहें आदत जो होते हैं वह समान होते हैं और यही वे सारे गुण हैं जो उन्हें बाकी के लोगों से अलग बनाती है आज हम उन्हीं गुणों के बारे में बात करेंगे और साथी उनके अनमोल वचन भी आपके साथ साझा करेंगे ताकि आप उनसे प्रेरित होकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच सके।

दोस्तों सफल व्यक्तियों में जो पहला गुण होता है वह होता है अपने लक्ष्य को लेकर साफ नज़रिया। उनके मन में किसी भी प्रकार की शंका नहीं होती वह जो कार्य करते हैं पूरी तैयारी और पूरे आत्मविश्वास के साथ करते हैं जिससे उनके सफल होने की संभवना बढ़ जाती है। भले ही वह असफल हो किंतु वह अपने प्रयासों में थोड़ी सी भी कमी नहीं लाने देते। उनका मानना होता है कि यदि वे किसी काम को पूरी लगन के साथ करते हैं और उन्हें असफलता भी मिलती है तो वह असफलता भी कुछ सिखा कर ही जाती है और उनके अंदर यह संतुष्टि होती है कि उन्होंने अपनी पूरी लगन से उस कार्य को किय। बाकी लोग बस बैठकर यही सोचते रह जाते हैं कि ऐसा हुआ तो क्या होगा वैसा हुआ तो क्या होगा लोग क्या बोलेंगे और इसी चक्कर में वह कभी अपना पहला कदम उठा ही नहीं पाते।

मित्रों सफल व्यक्ति और असफल व्यक्ति में दूसरा बड़ा अंतर होता है आत्म बल क। जी हां सफल व्यक्ति के अंदर एक जबरदस्त जिद होती है अपनी सफलता को पाने की वही असफल व्यक्तियों की ओर देखा जाए तो वे 1-2 प्रयास के बाद उस कार्य को करना ही छोड़ देते हैं और तरह-तरह के बहाने बनाने लगते हैं कि यह हो ही नहीं सकता या फिर इसमें कोई स्कोप ही नहीं है। लेकिन सफल व्यक्ति बार-बार प्रयत्न करते हैं वह अपनी गलतियों से सीखते हैं और उस कार्य को फिर और जोश के साथ करते हैं। उनका मानना होता है कि हमें अपना तरीका बदलना होता है ना कि लक्ष्य।

तीसरा अंतर आपके सफल होने और असफल होने में एक बड़ा निर्णायक भूमिका निभाता है। क्या है वह अंतर? वह अंतर है कार्य करने में निरंतरता क। एक कर्मयोगी व्यक्ति भले-धीरे ही सही किंतु वह लगातार-निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहता है वहीं एक अकर्मण्य व्यक्ति खरगोश की तरह चलता तो जोश के साथ है किंतु रास्ते में जा कर थक जाता है, आलस के कारण सो जाता है और कार्य को अधूरा ही छोड़ देता है। और यदि आप अपने कार्य को अधूरा छोड़ देते हैं तो भला वह कैसे पूरा हो सकता है। इस बात को एक छोटे से उदाहरण लीजिए रोटी बना रहे हैं। आपने बड़े जोश के साथ आटा  लिया  पानी  लिया और दोनों को अच्छी तरह से मिलाया और उसे अच्छी तरह से तैयार किया। आपने उसे बेलकर रोटी का आकार भी दिया उसके बाद छोड़ दिया।  तो क्या वह कच्ची रोटी सच में रोटी कहलाएगी?  क्या आप उसे खा सकेंगे? उत्तर है नहीं जब तक रोटी आग पर पूरी तरह से पक नहीं जाती तब तक वह रोटी नहीं कहलाती।  ठीक इसी प्रकार जब तक आप अपने शुरू किए गए कार्य को समाप्त नहीं करते तब तक आपको सफलता नहीं मिल सकती आपको यदि सफलता चाहिए तो आपको निरंतर कार्य करना होगा और उसे समाप्त करना होगा।  आपको यह बात समझनी होगी कि आप एक बार में बहुत सारे कार्य नहीं कर सकते आपका दिमाग एक बार में एक ही कार्य कर सकता है अतः यदि आप एक कार्य को शुरू करते हैं तो उसे समाप्त करके ही दूसरा कार्य प्रारंभ करें।

तो यह कुछ रोचक Golden Thoughts Of Life In Hindi यक़ीनन आपको हमारे Quotes and Thoughts पसंद जरुर आये होंगे.

हमसे जुड़ने के लिए आप हमे  Facebook और Instagram पर Follow कर सकते जिसका लिंक हमने नीचे दिया हुआ है.


If you want to connect with us, just follow our official page on Facebook And Instagram Account. We mention down our official social handle media link you can click here and support us.

FACEBOOK: @TheMotivationalFact

INSTAGRAM: @TheMotivationalFact

Leave a Comment